बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज बालाघाट के जगला गांव पहुंचे और प्रभावित बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने परिजनों से बच्चों की मौत, बीमारी और इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े हालात की जानकारी ली।
राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब बैहर और बिरसा क्षेत्र में आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था, कुपोषण और संक्रामक बीमारियों से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी रिकॉर्ड में पिछले महीने बैहर क्षेत्र में अलग-अलग कारणों से 26 बच्चों की मौत दर्ज है।
पीड़ित परिवारों के बीच राहुल गांधी
राहुल गांधी ने जगला में प्रभावित परिवारों के साथ करीब एक घंटे तक बातचीत की। उन्होंने परिजनों की बात सुनी और बच्चों की मौत से जुड़े हालात की जानकारी ली। दौरे के दौरान आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और वन अधिकार जैसे मुद्दे भी सामने आए।
राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं ने भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर परिवारों से मुलाकात की थी। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी व्यवस्था से जोड़कर उठाया है।
डॉ. विक्रांत भूरिया की भूमिका
इस मामले को प्रदेश स्तर पर लगातार उठाने वालों में कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया भी शामिल रहे हैं। आदिवासी बच्चों की मौत का मुद्दा सामने आने के बाद भूरिया ने प्रभावित परिवारों और क्षेत्र की स्थिति को लेकर आवाज उठाई और मामले को राजनीतिक तथा सार्वजनिक विमर्श में लाने का प्रयास किया।
अब राहुल गांधी के सीधे जगला पहुंचने के बाद यह मुद्दा कांग्रेस के लिए प्रदेश की आदिवासी राजनीति का भी अहम विषय बन गया है। हालांकि सरकार की ओर से बच्चों की मौत और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अलग-अलग जवाब और दावे सामने आए हैं।
राहुल गांधी के दौरे ने बालाघाट के आदिवासी अंचल में स्वास्थ्य, पोषण और सरकारी सेवाओं की पहुंच से जुड़े सवालों को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।























