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30 बैगा आदिवासियों की मौत के खिलाफ रीवा में अनिश्चितकालीन ‘न्याय सत्याग्रह’, स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग

तीन मांगों को लेकर अडिग आदिवासी कांग्रेस, अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी

रीवा। मध्यप्रदेश के बालाघाट में 30 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत और रीवा में कल्पना मिश्रा की मौत को लेकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी के विरोध में आदिवासी कांग्रेस का अनिश्चितकालीन ‘न्याय सत्याग्रह’ दूसरे दिन भी जारी रहा। अग्रसेन चौक स्थित कमिश्नर कार्यालय के सामने चल रहे इस आंदोलन में स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में चल रहे धरने में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक अजय सिंह और पूर्व मंत्री एवं विधायक ओमकार मरकाम भी शामिल हुए।

पीड़ित परिवारों ने सुनाई अपनी पीड़ा

धरने में बालाघाट से पहुंचे पीड़ित परिवारों ने अपने बच्चों की मौत का दर्द साझा किया। तीन बच्चों के पिता राकेश मरकाम की चार वर्षीय बेटी माही, मंगलू कुसरे की डेढ़ वर्षीय बेटी गोरी और बरन सिंह मरकाम के आठ वर्षीय बेटे रोनू की मौत का जिक्र करते हुए परिजनों ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। पीड़ित परिवारों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा ही उनके बच्चों को अंतिम श्रद्धांजलि होगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना

आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत, छिंदवाड़ा का कफ सिरप मामला, इंदौर में नवजातों को चूहों द्वारा कुतरे जाने की घटना, सतना में HIV संक्रमित रक्त चढ़ाने का मामला और रीवा अस्पताल में कल्पना मिश्रा की मौत के साथ ही जीवित गिरिजा प्रसाद गुप्ता को मृत घोषित किए जाने की घटना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था ICU में पड़ी है और इसका इलाज स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे के बिना संभव नहीं है।

आदिवासी कांग्रेस ने आंदोलन के दौरान सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—

– स्वास्थ्य मंत्री का तत्काल इस्तीफा लिया जाए।

– बालाघाट में तत्काल Health Emergency लागू की जाए।

– बालाघाट के प्रत्येक पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

आदिवासी कांग्रेस ने कहा है कि जब तक इन मांगों पर सरकार ठोस कार्रवाई नहीं करती, तब तक ‘न्याय सत्याग्रह’ जारी रहेगा।

कार्यक्रम का संचालन आदिवासी कांग्रेस की राष्ट्रीय समन्वयक अर्चना पोर्ते और विजय कोल ने किया। आंदोलन की अध्यक्षता मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रामू टेकाम कर रहे हैं।

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