एमपी में सत्ता की चाह में संघर्ष कर रही कांग्रेस के बुरे दिन हवा होने के नाम ही नही ले रहे है। बड़े तामझाम और कई दिनों के मंथन के बाद एमपी में जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां की गई। लेकिन, अब जब जिला अध्यक्षों के रिपोर्ट कार्ड पर मंथन किया गया, तो कई जिला अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशा पर खरे नहीं उतर पाए। जिसके बाद कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों की समीक्षा कर कलर कोडिंग की। पर कलर कोडिंग के बाद भी 8 से 10 जिलाध्यक्षो के काम का परफार्मेंस ठीक नही है। लिहाजा, इन्हे हटाने की तैयारी की जा रही है। इनके लिए बाकायदा पीसीसी से एआईसीसी को एक सूची भेजी रही है। जिसमें जिलाध्यक्ष की परफार्मेंस रिपोर्ट भेजी जा रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि, ऐसा नहीं है चार-पांच जिले जरूर, हल्के से पिछड़े हैं, कार्यक्रमों को करने में। वहां की परिस्थितियां कुछ वैसी होंगी, पारिवारिक परिस्थितियां भी कभी-कभी जो हमारा जिला अध्यक्ष होता है, कुछ घटनाएं हो जाती हैं, जिससे वो समय पर कार्यक्रम नहीं कर पाए। यही समीक्षा तो करने के लिए हमने कहा जहां लगेगा कि वास्तव में पॉलिटिकली समझ कम है, कमजोर है, वहां पर बदलना ही चाहिए। कोई ऐसा तो ब्रह्म वाक्य नहीं लिख दिया कि संगठन सृजन में जो बना है वो अच्छा ही होगा। कुछ लोग कमजोर हैं तो वहां बदलाव की आवश्यकता है यदि, दिल्ली से हमारे हाईकमान के लोग आए हैं, यदि वो महसूस करेंगे कि बदलना चाहिए तो बदले जाएंगे। इसमें चेतावनी का काम नहीं है, इसमें समीक्षा कर ली। उनके पास सारे डाटा हैं। जो हमारे दिल्ली से आए हैं, वो हमसे भी ज्यादा, पूरे डाटा हैं। पूरा एक-एक कार्यक्रम है हर जिले का। उन्होंने बड़े अच्छे ढंग से समीक्षा की है। यदि बहुत कमजोर लगता है, तो भेजे इसीलिए गए हैं, कि हम कांग्रेस को कमजोर नहीं होने देंगे। उन जिलों में और मजबूत गठन करेंगे इसलिए।
कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल का कहना है कि, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जो जिला अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, उनकी परफॉरमेंस को एआईसीसी लगातार मॉनिटर कर रही है। बीच में उनके काम को देखने के लिए, अवलोकन के लिए, उनके परफॉरमेंस को नापने के लिए पूरी एक कमेटी मध्य प्रदेश आई थी। उन्होंने नाप कर और माप कर गईं कि कौन कैसा परफॉर्म कर रहे हैं। हाँ, यह बात सच है कि जो बहुत से अध्यक्ष उनके पैरामीटर पर पूरे नहीं उतर पा रहे हैं, उनको शायद बदला जाए, दूसरों को मौका दिया जाए। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी अपनी रिपोर्ट भेज रही है। कौन लोग प्रॉपर तरीके से और उस तरीके से, उस जोश से, खरोश से और सबको लेकर काम कर रहे हैं, उनकी रिपोर्ट भी जा रही है और जो नहीं कर पा रहे हैं, उनकी रिपोर्ट भी जा रही है। हाँ, हो सकता है आने वाले समय में कुछ लोग इसमें से बदले जाएं।