
जैसा कि राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले अपने ट्वीट में बताया था कि अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के किए कामो को लेकर वो आने वाले दिनों में ट्वीट करेंगे।
इसी क्रम में कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने गुरुवार को अपने पिता व पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पंजाब, असम व मिजोरम शांति समझौतों पर हस्ताक्षर में भूमिका को लेकर याद किया। इन समझौतों ने सालों के संघर्ष व हिंसा को खत्म करने में मदद की।
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “राजीव गांधी जी की कई उपलब्धियों में पंजाब, असम व मिजोरम समझौते भी हैं, जिससे सालों की हिंसा व संघर्ष को खत्म करने में सहायता मिली। आपसी सम्मान, समझ और शांतिपूर्ण सह अस्तित्व की नींव पर निर्मित इन समझौतों ने भारतीय संघ को मजबूत किया।”
राजीव गांधी ने जुलाई 1985 में पंजाब समझौते पर हस्ताक्षर किया, जिसके जरिए सरकार ने सहमति दी कि चंडीगढ़ को पंजाब को स्थानांतरित किया जाएगा और राज्य विधानसभा के चुनाव इसी साल सितंबर में कराए गए।
असम समझौता एक मेमोरंडम ऑफ सेटेलमेंट (एमओएस) था। इस पर प्रधानमंत्री राजीव गांधी की अगुवाई में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों व असम मूवमेंट के नेताओं के बीच नई दिल्ली में 15 अगस्त 1985 को हस्ताक्षर किया गया।
मिजोरम समझौते पर भारत सरकार व मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के बीच 1986 में हस्ताक्षर किया गया। यह समझौता मिजोरम में हिंसा व विद्रोह को समाप्त करने के लिए किया गया।
राहुल गांधी की यह टिप्पणी कांग्रेस द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75वीं जयंती पर सप्ताह भर चलने वाले समारोह के दौरान आई है।
राजीव गांधी ने जब देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था तब देश के कई राज्यो में हिंसा और आंदोलन का माहौल था जिसे समाप्त कर राजीव गांधी ने देश को ना सिर्फ नई दिशा दिया बल्कि अपने कार्यकाल में कई क्रांतिकारी कदम उठाए।

























