
लोकसभा में भारी विरोध के बीच गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पेश किया नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) पेश पास हो गया। जहाँ सरकार के समर्थक इस बिल के पक्ष में तर्क दिए तो वही विपक्षी दलों ने विधेयक को संविधान के मूल भावना एवं अनुच्छेद 4 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और इस बिल का विरोध किया।
इस विधेयक का सबसे अधिक विरोध असम सहित पूरे नॉर्ट ईस्ट में हो रहा है।
असम में विधेयक के खिलाफ विभिन्न संगठनों की ओर से असम बंद करने, सड़क पर उग्र प्रदर्शन करने, रैली निकाल कर इसे वापस लेने की मांग की गई ।
इस विधेयक के लोकसभा में पास होने के बाद असम में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है क्योंकि भारी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता इस के विरोध में पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं।
इस बिल के पास होने के बाद BJP के कार्यकर्ता दुखी होकर भाजपा छोड़ने लगे हैं, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी ) गोहपुर समिति के सदस्यों के अलावा असमिया फिल्म के कलाकार रवि शर्मा भी कैब के खिलाफ खड़े हो गए है।
वही बीजेपी को समर्थन दे रही असम गन परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी इस बिल का विरोध किया और इस कारण ही सबसे अधिक असम गण परिषद (अगप) के कार्यकर्ता प्रदेश के विभिन्न इलाके में पार्टी से त्याग पत्र दे रहें हैं । सूत्रों की मानें तो आनेवाले दिनों में दोनो दलों से और लोग इस्तीफा दे सकते हैं ।
असम में बीजेपी के कई लोकप्रिय चहेरे भी इस बिल के विरोध में आ गए हैं।
उल्लेखनीय है कि पार्टी के अंदर भी इस विधेयक को लेकर दो फाड़ होता दिख रहा है, लेकिन सत्तासुख की वजह सभी अपनी जुबान बंद कर रखे हैं। मालूम हो कि कैब के खिलाफ गुवाहाटी सहित पूरे प्रदेश में जोरदार आंदोलन शुरू हो गया है।
आज ये बिल राज्यसभा में पेश होगा , जहां सरकार और विपक्षी पार्टी दोनों के लिए चुनौती रहेगी।

































































