
मुजफ्फरपुर के SKMCH अस्पताल पहुंचे बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आम लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) से 108 बच्चों की मौत के बाद नीतीश कुमार यहां हालात का जायजा लेने पहुंचे थे। नीतीश के पहुंचने पर एसकेएमसीएच हॉस्पिटल के बाहर जमा लोगों ने उनका विरोध करते हुए नीतीश कुमार वापस जाओ के नारे लगाए और व्यवस्था की बदहाली पर अपने गुस्से का इजहार किया।
सरकार की ओर बच्चों के इलाज में ढिलाई और अस्पताल में जरूरी सुविधाएं ना होने से नाराज लोगों ने जमकर नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध कर रहे लोगों का कहना है, रोजाना बच्चों की मौत हो रही हैं लेकिन सरकार का ध्यान इस तरफ नहीं है, अस्पताल में दवाएं और डॉक्टरों का काफी किल्लत है।
नीतीश कुमार यहां हालात का जायजा लेने भी तब आए हैं, जब 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। नीतीश कुमार आज अस्पताल में मरीजों से मिल रहे हैं और डॉक्टरों से स्थिति की जानकारी ले रहे हैं।
इससे पहले रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे भी मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। तब भी अस्पताल में भर्ती बच्चों के परिवारों ने हर्षवर्धन का जमकर विरोध भी किया था।
बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर 108 हो गई है, वहीं अस्पतालों में भर्ती बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 414 हो गई है। चमकी बुखार से पीड़ित ज्यादातर मरीज एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में एडमिट हैं। अब तक एसकेएमसीएच हॉस्पिटल में 89 और केजरीवाल अस्पताल में 19 बच्चों की मौत हो चुकी है।

























