
देश भर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण जारी लॉक डाउन से गरीब परिवारों का रोजगार और रोजी-रोटी काफी प्रभावित हुई है इस कारण से कई स्थानों पर हजारों लोगों के भूखे सोने की खबर सामने आ रही है तो कई लोग अलग-अलग हिस्सों में भूख से तड़प रहे हैं ऐसे में इन लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और NGO के कार्यकर्ता लगे हुए हैं तो दूसरी तरफ सरकार इन गरीबों तक राशन पहुंचाने के बजाय चावल से सेनिटाइजर तैयार करवाने का कामकर रही है।
इस खबर के सामने आने के बाद कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आख़िर हिंदुस्तान का ग़रीब कब जागेगा?
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आप भूखे मर रहे हैं और वो आपके हिस्से के चावल से सैनीटाईज़र बनाकर अमीरों के हाथ की सफ़ाई में लगे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने लॉकडाउन को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है बल्कि इससे पहले सोमवार को भी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार से आग्रह किया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी मेडिकल उपकरणों से जीएसटी हटाई जाए।
उन्होंने ट्वीट किया, ”कोविड-19 के इस मुश्किल वक्त में हम लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि इस महामारी के उपचार से जुड़े सभी छोटे-बड़े उपकरण जीएसटी मुक्त किए जाएं।” गांधी ने कहा कि बीमारी और ग़रीबी से जूझती जनता से सैनिटाइज़र, साबुन, मास्क, दस्ताने आदि पर जीएसटी वसूलना ग़लत है। इन सब को जीएसटी मुक्त करने की मांग पर हम डटे रहेंगे।
गौरतलब है कि कांग्रेस की युवा इकाई भारतीय युवा कांग्रेस, कोरोना के खिलाफ जरूरी मेडिकल उपकरणों को जीएसटी मुक्त करने की मांग के पक्ष में इन दिनों ट्विटर पर ”हैशटैग जीएसटी फ्री कोरोना” अभियान भी चला रही है।

































































