
कांग्रेस 2019 के चुनाव मे बुरी तरीके से पराजित हुई पूरे देश भर में कांग्रेस समर्थको का मनोबल पूरी तरह से गिर चुका है राहुल गांधी की सीट से हारने के बाद हजारो भावुक कांग्रेसी राजनीति से दूरी बना चुके है लेकिन कांग्रेस एक बार फिर से अपने मिशन की ओर बढना चाहती है इसके लिये कांग्रेस नई रणनीति के साथ मैदान मे उतर रही हैं
गौरतलब है कि 14 दिसंबर को पूरे देश भर से लाखो कांग्रेसी दिल्ली मे जुटने वाले है आपको बता दे कि सोनिया गांधी की अगुवाई में भारत बचाओ रैली का आयोजन होेने जा रहा है इस आयोजन के बाद पूरे देश भर की प्रदेश ईकाई अपने अपने क्षेत्र मे सक्रिय हो जायेगी उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस को पूर्णकालिक अध्यक्ष भी इस रैली के बाद मिल जायेगा
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को राजस्थान के साथ गुजरात पर फोकस करने को कहा है कि इसलिये अशोक गहलोत पिछले एक महिने मे 2 बार गुजरात का दौरा कर चुके है इसके साथ मुख्यमंत्री गहलोत को समान विचारधारा वाले आदिवासी नेता दलित नेताओ को कांग्रेस मे लाने की जिम्मेदारी सौंपी है इस बार कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ मैदान मे उतरने का मन बना रही हैं
2024 की रणनीति पर अभी से काम करना कांग्रेस को जिंदा करने का एक प्रयास है अब देखते है राजस्थान के जादूगर कहे जाने वाले गहलोत सोनिया राहुल के भरोसे पर कितना खरा उतरते है तथा कितना सफल संगठन मजबूत मे हो पाते हैं
































































