
देशभर के कई सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस ने इस बार युवाओं को मौका देकर बदलते हुए राजनीति को सामने रखा है। इन सभी युवाओं में उत्तर प्रदेश के कानपुर के गोविंद नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस ने सिर्फ 25 वर्षीय उम्मीदवार को मैदान में उतारकर सबको चकित कर दिया है। पहले ही सब से कम उम्र में टिकट पाने को लेकर चर्चा में रहने वाली करिश्मा ठाकुर आए दिन अपने काम और जज्बे को लेकर सोशल मीडिया से लेकर मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
करिश्मा लगातार सुर्खियों में छाई हुईं हैं। सीएम योगी की कानपुर यात्रा के दौरान करिश्मा ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ जमकर हंगामा किया था। करिश्मा वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI की राष्ट्रीय महासचिव हैं इसलिए उन्होंने अपने नेतृत्व में कई छात्र आंदोलन में भाग लिया है लेकिन उम्मीदवार बनने के बाद वह खास तौर पर चर्चा में बनी हुई।
करिश्मा ने तलाब बनी कानपुर की सड़कों को मिट्टी से भरने का प्रयास किया। इस दौरान उनके साथ कई कांग्रेसी कार्यकर्ता नजर आए। करिश्मा ने खुद ही फावड़ा चलाकर मिट्टी भरी और फिर खुद ही सड़कों के गड्ढे भरने की कोशिश करती हुईं नजर आईं।
उत्तर प्रदेश में बदलते राजनीतिक हालात के वजह से प्रियंका गांधी ने युवाओं को मौका देने की बात कही थी और उसके बाद गोविंद नगर सीट से करिश्मा ने चुनावी घोषणा से पहले ही तैयारी शुरू कर दिया था उसके बाद करिश्मा का टिकट तय माना जा रहा था। करिश्मा को जन्म से ही राजनीतिक माहौल मिला। उनके पिता राजेश सिंह क्राइस्ट चर्च डिग्री कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर सरसौल विधानसभा और बसपा के टिकट पर कन्नौज सीट से लोकसभा का भी चुनाव लड़ा। करिश्मा ने 2013 में एनएसयूआई के समर्थन से दिल्ली छात्रसंघ का चुनाव लड़ा। नएसयूआई की इकलौती विजेता प्रत्याशी के रूप में वह महासचिव चुनी गईं। वह छह साल तक दिल्ली विश्वविद्यालय की राजनीति में सक्रिय रहीं। इस दौरान उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी की। छात्र राजनीति के बाद मुख्यधारा की राजनीति में यह उनका पहला कदम होगा। टिकट मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए करिश्मा ने कहा था कि पार्टी और प्रियंका गांधी के विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश होगी। पार्टी ने युवा और महिला को टिकट दिया है।
करिश्मा ने कहा वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण सबसे ज्यादा युवा और महिलाएं ही परेशान हैं। यह चुनाव न तो सरकार बनाने के लिए है न गिराने के लिए। स चुनाव में जनता अपना विधायक चुनेगी और वह अपने बीच के व्यक्ति को प्राथमिकता देगी। जनता सत्यदेव पचौरी जैसे व्यक्ति को नहीं चुनेंगी जो अपने पूरे कार्यकाल में क्षेत्रवासियों के बीच ही नहीं आया। मुझे अपनी जीत पर पूरा विश्वास है।
अब यह तो वक्त ही बताएगा कि लगातार सुर्खियों में बनी रहने वाली करिश्मा गोविंद नगर के जनता के बीच खुद को कितना साबित करने में कामयाब हो पाती है और जनता जब वोट डालने जाती है तो करिश्मा को कितना समर्थन करती है गोविंद नगर सीट पर 21 अक्टूबर को मतदान और 24 अक्टूबर को मतगणना होगा।

































































