
कोरोना वायरस के कारण जारी लॉक डाउन से जहां गरीब मजदूर और छात्र परेशान और लाचार दिख रहे हैं तो उन्हें अब घर पहुंचाने के लिए उनसे किराए के रूप में मोटी रकम वसूली जा रही है कुछ राज्यों और शहरों से तो यह भी खबर आई कि यह रकम आम किराया से बढाकर के वसूला जा रहा है। इसको लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार का विरोध किया और कहा कि इन परेशान मजदूरों को घर तक बिना किसी किराए के पहुंचाया जाए।
जिसके बाद कर्नाटका में मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कर्नाटका रोडवेज को एक करोड़ रुपये का चेक दिया है।
गौरतलब है कि कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बस स्टैंड पहुंचे और वहां मौजूद मजदूरों और अन्य यात्रियों से बातचीत की.
लोगों ने डीके शिवकुमार को बताया कि उनके पास घर जाने का किराया नहीं है और सरकार टिकट के पैसे मांग रही है. मजदूरों की यह बात सुनने के बाद डीके शिवकुमार ने तुरंत कर्नाटका कांग्रेस की ओर से एक करोड़ रुपए का चेक केएसआरटीसी ( KSRTC) को दिया ताकि मजदूर एवं बाकी वर्किंग क्लास के लोग जो अपना घर जाना चाहते हैं और टिकट के पैसे नहीं दे पा रहे हैं, उनको मुफ्त में बस सेवा के जरिए उनके घर तक पहुंचाया जा सके।
इस बीच डीके शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार पर जमकर हमला बोला.
डीके शिवकुमार ने अपने एक ट्वीट के जरिए कहा कि वर्किंग क्लास और मजदूरों को उनके घर तक मुफ्त में पहुंचाया जाए. साथ ही उनके खाने और पानी की भी व्यवस्था बस स्टैंड पर की जानी चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि कर्नाटक सरकार को उनसे जिस प्रकार की भी मदद की जरूरत हो वह करने को तैयार हैं, लेकिन कर्नाटक सरकार को अब जागना होगा और लोगों की परेशानियों को देखना होगा।
शायद ये पहला मौका होगा कि सरकार किराया मुफ्त करने के बजाय मोटी रकम वसूल रही है और विपक्षी करोड़ो रुपया देकर फ्री में मजदूरों को घर तक पहुंचाने की पेशकश कर रही है।






















