भोपाल । एमपी में सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की तारीख एक बार फिर से बढ़ा दी है। अब एक अप्रैल की जगह 10 अप्रैल से 4 संभागों (इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम) मे गेहूं की खरीदी होगी। वहीं 15 अप्रैल से प्रदेश के अन्य संभागों मे खरीदी शुरू होगी।

खरीदी की तारीख बढ़ाने को लेकर एमपी की सियासत में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जहां कांग्रेस ने तारीख बढ़ाए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, बीजेपी ने भी पलटवार किया है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि, बीजेपी की सरकार ने एक बार फिर किसानों की छाती पर गोली मारने का काम किया है। लंबे समय से किसान अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने खरीदी की तारीख पहले 16 मार्च की, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल कर दी है। मैं पूछना चाहता हूं शिवराज सिंह चौहान और राज्य सरकार से, क्या यही है किसानों के हित का फैसला। ये सरकार निर्दय सरकार बन चुकी है। जरूरत पड़ने पर जब किसान मंडियों में फसल बेचने जा रहे हैं, ओने पौने दाम पर खरीदी की जा रही है। सीधी बात है कि, किसानों से धोखा देना बंद करो। कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी है।

कांग्रेस के आरोप पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि, मप्र की सरकार हमेशा किसान हितैषी रही है। अन्नदाता हमारी प्राथमिकता में रहा है, और इसलिए देशभर में मप्र का अन्नदाता सबसे खुशहाल किसान है। गेहूं खरीदी भी होगी, व्यवस्थित भी होगी और बोनस भी मिलेगा। कांग्रेस जिसने मुल्ताई में किसानों की छाती पर गोली चलवाई, वो कम से कम भ्रम फैलाने का काम न करे। डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों की सारी खरीद व्यवस्था से होगी।




































































