कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को फिर बड़ा सियासी दावा किया। उन्होंने कहा कि 2022 में पंजाब में उनकी सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनेगी। कैप्टन ने कहा कि पंजाब में उनकी तेजी से मेंबरशिप ड्राइव चल रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा से सीट शेयरिंग के लिए वह दिल्ली जाकर BJP हाईकमान से मिलेंगे। वह BJP के लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में प्रचार भी करेंगे। सोमवार को उन्होंने हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की।
जिसके बाद मीडिया से बातचीत में अमरिंदर ने कहा कि सही समय का इंतजार करें। अमरिंदर के इस सियासी दावे ने विरोधियों और खासकर कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। कांग्रेस लगातार कैप्टन की मूवमेंट पर नजर रख रही है ताकि उन्हें मजबूत न होने दिया जाए।
कैप्टन अमरिंदर ने यह भी दावा किया कि पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगते ही कांग्रेस उनकी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस में जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अगर अभी कोई आया तो सरकार उनके यहां विकास कार्य रोक देगी। इसी वजह से मैंने सबको कहा है कि वे अपना काम करते रहे। आचार संहिता लगते ही सरकार की पावर खत्म हो जाएगी तो फिर खुलकर कांग्रेसी उनके साथ आएंगे।
कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस की बड़ी चिंता बने हुए हैं। कैप्टन जीतें या नहीं, लेकिन इतना तय है कि कांग्रेस को बड़ा झटका लगेगा। कैप्टन भी यही चाहते हैं कि किसी भी सूरत में कांग्रेस को फिर से सत्ता में न आने दें, ताकि उन्हें हटाने के बदले पार्टी को सबक सिखा सकें। इसीलिए कांग्रेस लगातार उनकी ताकत खत्म करने में जुटी हुई है।
कैप्टन भले ही मीडिया में कुछ भी दावा करें मगर जिस प्रकार से पटियाला में कांग्रेस ने उनके सबसे नजदीकी मैयर को विश्वास मत में पटखनी दिया है उससे स्पष्ट है कि कांग्रेस कैप्टन को मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी और जहां तक बात आचार संहिता लगने का है तो केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के जो विधायक कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं अगर कैप्टन दावे सच होते हैं वे विधायक कैप्टन के पार्टी में भी शामिल हो सकते थे।


































































