पिछले विधानसभा चुनावों में बड़ी हार के बाद कांग्रेस (Congress) के समर्थक और कार्यकर्ता निराश हैं. कांग्रेस में लंबे समय से कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है. मल्लिकार्जुन खड़गे के अध्यक्ष बनने के बाद से ही कांग्रेस के अंदर बड़े फिर बादल की उम्मीद की जा रही थी जो अभी तक नहीं हो सकी थी.
बात अगर उत्तर प्रदेश कांग्रेस की की जाए तो उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कहीं दिखाई नहीं देती है. अजय राय को अध्यक्ष बनने के बाद से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को ऐसी उम्मीद थी कि उत्तर प्रदेश में नई ऊर्जा का संचार होगा. अजय राय यूपी जोड़ो यात्रा भी लेकर निकले हुए हैं, लेकिन फिर भी मतदाता प्रभावित नजर नहीं आ रहा है.
अब उत्तर प्रदेश को लेकर कांग्रेस नेतृत्व ने या यूं कहीं की राहुल गांधी ने एक बड़ा फैसला लिया है. उत्तर प्रदेश में प्रभारी पद संभाल रही प्रियंका गांधी की जगह अविनाश पांडे को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बना दिया गया है. अब अविनाश पांडे यूपी प्रभारी होंगे.
उत्तर प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कई नेताओं को उत्तर प्रदेश के अंदर प्रियंका गांधी के चारों तरफ जो मंडली घूमती थी उनसे काफी शिकायत रहती थी. ऐसा कहा जाता था कि जेएनयू से जुड़े हुए लोग प्रियंका गांधी के सलाहकार हैं और उत्तर प्रदेश में वह कोई भी जमीनी फैसला नहीं लेने देते हैं और प्रियंका से भी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिलने से पहले उन्ही सलाहकारों से परमिशन लेनी पड़ती थी.
अब प्रियंका गांधी को रिप्लेस अविनाश पांडे से किया गया है और ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अगर वह स्वतंत्र रूप से फैसले लेते हैं तो उत्तर प्रदेश में कांग्रेस काफी अच्छा कर सकती है.
वही बात करें तो अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने संगठन में यह बड़ा फेर बदल किया है. सचिन पायलट को छत्तीसगढ़ में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. सचिन को छत्तीसगढ़ का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया है.
आपको बता दें कि 21 दिसंबर को ही कांग्रेस वर्किंग कमेटी की एक बड़ी बैठक हुई थी. इस बैठक में पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद हिंदी पट्टी के तीन राज्यों को गवाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई थी और इस हार पर समीक्षा भी की गई थी. इस बैठक के बाद अब कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल देखा गया है.



























































