उत्तर प्रदेश चुनाव में लंबे समय के बाद ये देखा जा रहा है कि कांग्रेस अपनी स्थिति को मजबूत करते हुए अन्य दलों के लिए मुसीबत बन गई है यही कारण है कि सत्तारूढ़ बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर है और हर दिन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को निशाने पर ले रही है।
कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने जिस प्रकार महिला कार्ड खेलते हुए प्रदेश की आधी आबादी को अपने तरफ आकर्षित किया है उससे बीजेपी और सपा-बसपा में बैचेनी है।
तभी तो जो कांग्रेस यूपी में 1 सांसद और 7 विधायक की हैसियत रखती है उस पर बीजेपी-सपा और बसपा क्रमबद्ध तरीको से हमलावर है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपने सरकड का कार्यो का गुणगान करने के जगह प्रियंका गांधी के अभियान लड़की हूँ लड़ सकती हूं का मजाक बना रहे हैं। जिस पर कांग्रेस के तरफ से कांग्रेस की महिला नेता सुप्रिया श्रीनेत ने नड्डा पर हमला बोला।
सुप्रिया ने नड्डा को जबाब देते हुए कहा कि लड़कियां अब चूल्हे तक सीमित नही रहेगी। सुप्रिया ने ट्वीट में लिखा आपको लगता है नड्डा जी कि औरतें मात्र एक शौचालय, गैस सिलेंडर के लायक़ हैं? नहीं वह अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहीं हैं, आप अपनी मानसिकता बदलिए 40% टिकट, 40% नौकरियाँ, 25% पुलिस बल में महिलाएँ-इनमें से एक भी करके दिखाइए। लड़कियां चूल्हे तक सीमित नहीं रहेंगी। लड़कीहूँलड़सकतीहूँ।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी प्रियंका गांधी को निशाने पर लिया जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी के धर्म को लेकर सवाल करते है कांग्रेस को घेरने की प्रयास की।
राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने जिस प्रकार से बूथ स्तर तक जा कर पार्टी को खड़े करने के लिए मेहनत किया है उसका असर दिख रहा है। कांग्रेस अब गांव-गांव में चर्चा का विषय बन गई है।
यही कारण की कांग्रेस के महिला संवाद में महिलाओं की संख्या में लगातार बढ़ रही है और मैराथन में लड़कियां बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही है।





























































