राजनीति में लोकप्रियता हासिल करने के लिए कभी-कभी राजनेता और राजनीतिक संगठन ओछी हरकत करने से भी बाज नही आते हैं ऐसा ही गुजरात के जामनगर में दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किया गया जहां राष्ट्रपिता और वैश्विक स्तर पर भारत के सबसे लोकप्रिय शख्सियत महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की प्रतिमा को स्थापित किया।
इसकी खबर जैसे ही कांग्रेस के नेताओ और गांधीवादी लोगो को मिली वैसे ही सभी ने अपना गुस्सा प्रकट किया एवं बाद में बापू के हत्यारे गोडसे की प्रतिमा को कांग्रेसी नेताओं ने क्षतिग्रस्त कर दिया।
पूरी घटना के बाद पुलिस ने वैमनस्य बढ़ाने के आरोप में दोनों पक्षों के सात लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार जामनगर ‘ए’ सभांग पुलिस थाने के निरीक्षक महावीर जालू ने कहा कि दक्षिणपंथी संगठन हिंदू सेना के सदस्यों द्वारा सोमवार को शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक मंदिर-सह-आश्रम में गोडसे की प्रतिमा स्थापित की गई थी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों में संगठन का प्रमुख प्रतीक भट्ट भी शामिल है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ” गोडसे की प्रतिमा स्थापित किए जाने की जानकारी मिलने पर कांग्रेस की जामनगर इकाई के अध्यक्ष दिगुभा जडेजा पार्टी कार्यकर्ता धवल नंदा के साथ मौके पर पहुंचे और प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। भट्ट और जडेजा से मिली शिकायतों के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमन्स्य बढ़ाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।”
एक तरफ जहां भट्ट ने दावा किया कि जडेजा और नंदा ने प्रतिमा को तोड़ने के बाद श्रीराम लिखी चादर खींचकर उसे कूड़े में फेंक दिया।
वहीं, जडेजा ने अपनी शिकायत में दावा किया कि हिंदू सेना का यह कृत्य गांधीवादियों और कांग्रेस सदस्यों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।



























































