
कर्नाटक का सियासी नाटक फिर एक बार अपने चरम पर है जहां विश्वास मत हासिल करने के लिए एचडी कुमारास्वामी लगातार प्रयास कर रहे हैं तो इसी बीच उन्होंने त्याग करते हुए अपना पद छोड़कर कांग्रेस का मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर हामी भर दी है।
आज एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जनता दल सेक्यूलर-कांग्रेस गठबंधन सरकार को बहुमत साबित करना है।
फ्लोर टेस्ट से पहले कर्नाटक के संकटमोचक माने जाने वाले मंत्री डीके शिवकुमार ने गठबंधन सरकार बचाने के लिए आखिरी दांव चला दिया है।
बागी विधायकों को राजी करने के लिए सीएम कुमारस्वामी के स्थान पर किसी और मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है.
कांग्रेस के कद्दावर नेता डीके शिवकुमार का कहना है कि जेडीएस सरकार बचाने के लिए किसी भी तरह के त्याग के लिए तैयार है. इतना ही नहीं एचडी कुमारस्वामी की पार्टी कांग्रेस की ओर से किसी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए भी तैयार है.
डीके शिवकुमार के मुताबिक, उन्होंने (JDS) इसके बारे में हमारे हाईकमान को भी बता दिया है.
दरसल कांग्रेस के इस्तीफा देने वाले 13 विधायकों में कई विधायक सिद्धारमैया नजदीकी माने जाते हैं। . यही वजह है कि इस्तीफा देने वाले चार विधायकों ने कहा था कि यदि सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बनते हैं तो वे अपना इस्तीफा वापस ले लेंगे.
सिद्धारमैया को सीएम बनाने की बात करने वाले कांग्रेस के बागी विधायकों में एसटी सोमशेखर, बी बासवराजू, एन मुनिरत्ना और रामलिंगा रेड्डी प्रमुख नाम हैं। रामलिंगा रेड्डी सिद्धारमैया सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं। उनको इस बार मंत्री पद नहीं दिया गया। इन चारों के अलावा रामलिंगा रेड्डी के साथ कम से कम तीन विधायक हैं जो रामलिंगा रेड्डी गुट के हैं जो इस समय उनके साथ हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ये 7 विधायक सिद्धारमैया के नाम पर समर्थन कर सकते हैं।
इसके अलावा रमेश जरकेहोली भी सिद्धारमैया के नजदीकी माने जाते हैं और माना जा रहा कि अगर सिद्धारमैया CM बनते हैं और रमेश को मंत्री बनाने का भरोसा दिलाते हैं तो वो भी समर्थन कर सकते हैं।
इसके अलावा 2 निर्दलीय विधायक भी सिद्धारमैया के साथ जा सकते हैं पर वो मंत्री पद की मांग रख सकते हैं और इसके लिए कांग्रेस तैयार बताई जा रही है इसके अलावा BSP विधायक भी सिद्धारमैया के नाम पर समर्थन कर देंगे।
कुल मिलाकर BSP विधायक के अलावा 2 निर्दलीय सहित 10 बागी विधायक सिद्धारमैया के नाम पर पाला बदलकर BJP के सपना को तोड़ते हुए प्रदेश में फिर एक बार कांग्रेस के मुख्यमंत्री बनाने में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।



























































