तीन दशक से यूपी में वापसी के लिए प्रयास कर रही है कांग्रेस के लिए क्या प्रियंका कर पाएगी करिश्मा, बदली हुई टीम के साथ कितनी मजबूत है कांग्रेस !

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के लिए सभी पार्टियां कमर कस चुकी हैं। जहां तक कांग्रेस की बात है इस बार पार्टी को के बहतर प्रदर्शन के लिए सारा दारोमदार प्रियंका गांधी पर है।

करीब तीन दशक से ज्यादा समय सत्ता में वापसी के लिए जूझ रही कांग्रेस को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव के बाद से पार्टी को जमीन पर उतारने में जुटी हैं। हाथरस दुष्कर्म कांड, लखीमखीरी हत्याकांड, यूपी टेट पेपर लीक, बेरोजगारी के मुदृे पर वह योगी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं। लेकिन अहम सवाल यह है कि क्या कांग्रेस पिछले चार विधानसभा चुनावों से इस बार बेहतर प्रदर्शन कर पाएगी।

यह सवाल अहम इसलिए भी है कि 2017 विधानसभा में चुनाव में सपा और कांग्रेस ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी कांग्रेस पर लगातार हमला बोल रहे हैं। कांग्रेस पर हमला बोलने में वो एक मौका भी अपने हाथ नहीं जाने देते। उनका दावा तो यहां तक कि कांग्रेस इस बार जीरो पर आउट होने वाली है। ऐसे में कांग्रेस के लिए 2012 के चुनाव में 28 सीटों पर मिली जीत से आगे बढ़ पाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
लेकिन जानकरों का ये भी कहना है कि 2017 के चुनाव में कांग्रेस को सपा के सरकड विरोधी लहर का भी सामना करना पड़ा था जो इस बार नही करना होगा।

बीजेपी के सत्ता वाले यूपी में चुनौती देने के लिए प्रियंका गांधी पुरजोर कोशिश कर रही हैं। प्रियंका गांधी लगातार योगी सरकार को निशाने पर ले रही हैं। साथ ही प्रियंका गांधी पसीना भी बहा रही हैं।

इस बार अंतर यह है कि यूपी कांग्रेस का संगठन बदला हुआ है। कांग्रेस महासचिव होने के साथ यूपी कांग्रेस की कमान पूरी तरह से प्रियंका गांधी के हाथों में है। इस बार प्रियंका गांधी के सलाहकार या यूपी प्रभारी जो कह लें वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के बदले छत्तीगढ़ के सीएम भूपेश बघेल हैं। प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर की जगह अजय कुमार लल्लू हैं। साथ ही संगठन में भी इस बार अधिकांश चेहरे नए हैं और कांग्रेस लगतार अपने संगठन को जमीनी स्तर पर पहुंचाने के लिए काम कर रही है ऐसे में कांग्रेस को नजरअंदाज भी करना अन्य पार्टी के लिए खतरा है।

यूपी में कांग्रेस तीन दशक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में आने के लिए संघर्ष कर रही है। लेकिन पिछले चार चुनावों में से एक में भी कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई। पिछले चार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का सबसे बेहतर प्रदर्शन 2012 में रहा। यानि दस साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 403 में 28 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल हुई थी।

प्रियंका इस बार 2012 के प्रदर्शन से बेहतर करने के लिए प्रयास कर रही है। खास बात ये है कि कांग्रेस यूपी को लेकरिस बार जितना सक्रिय है पहले कभी नही दिखी है। ऐसे में अगर परिणाम सपा,भाजपा, बसपा और कांग्रेस के मुकाबले में बहुकोणीय हो जाता है तो कांग्रेस किंगमेकर की भूमिका में दिख सकती है।

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